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भजन एवं आरती संग्रह

हृदय को पावन और मन को शांत करने वाले प्रमुख देवी-देवताओं के दिव्य भजनों, आरतियों और संकीर्तनों का संपूर्ण संग्रह

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भजन आरती संग्रह

🪔 प्रमुख आरतियां एवं भक्ति भजन

दैनिक पूजा व संध्या वंदन के लिए शुद्ध प्रामाणिक पाठ

संपूर्ण संग्रह
हनुमान जी की आरती
दैनिक आरती हनुमान जी

श्री हनुमान जी की आरती

आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
जाके बल से गिरिवर कांपै। रोग दोष जाके निकट न झांपै॥

📖 संपूर्ण बोल
शिव आरती
दैनिक आरती भगवान शिव

शिव जी की आरती (जय शिव ओंकारा)

जय शिव ओंकारा हर ॐ शिव ओंकारा। ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजे। हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥

📖 संपूर्ण बोल
दुर्गा आरती
दैनिक आरती माँ दुर्गा

माँ अम्बे जी की आरती (जय अम्बे गौरी)

जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी॥
मांग सिन्दूर विराजत टीको मृगमद को। उज्ज्वल से दोउ नैना चन्द्रवदन नीको॥

📖 संपूर्ण बोल
गणेश आरती
प्रथम पूज्य श्री गणेश

श्री गणेश जी की आरती (जय गणेश देवा)

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एकदंत दयावंत चार भुजाधारी। माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी॥

📖 संपूर्ण बोल
कृष्ण भजन
दिव्य संकीर्तन श्री कृष्ण

अच्युतं केशवं कृष्ण दामोदरं

अच्युतं केशवं कृष्ण दामोदरं। राम नारायणं जानकी वल्लभं॥
कौन कहता है भगवान आते नहीं। तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं॥

राम स्तुति
महास्तुति मर्यादा पुरुषोत्तम राम

श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन

श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं।
नव कंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं॥

दैनिक आरती एवं भजन संग्रह (PDF)

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