होम › मंत्र व स्तोत्र
• ॐ • वैदिक मंत्र एवं शक्तिशाली स्तोत्र साधना • ॐ •

मंत्र एवं स्तोत्र संग्रह

सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक जागृति के लिए शुद्ध वैदिक मंत्र, बीज मंत्र, स्तोत्र व जप विधि

🕉️
शुद्ध उच्चारण
संस्कृत श्लोक व पाठ
📿
जप विधि व नियम
सही समय, दिशा व माला
✨
सिद्धि एवं लाभ
शांति, स्वास्थ्य व रक्षा
वैदिक मंत्र साधना
📿
डिजिटल जप माला टूल घर बैठे 108 मनकों का एकाग्र जप करें
जप प्रारंभ करें →

🕉️ प्रमुख वैदिक महामंत्र एवं स्तोत्र

अर्थ, भावार्थ और दैनिक जप विधि सहित

सिद्धिदायक मंत्र
🔱

महामृत्युंजय मंत्र

ऋग्वेद • दीर्घायु व आरोग्य प्रदायक
महामंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

सरल अर्थ: हम त्रिनेत्रधारी (भगवान शिव) की आराधना करते हैं, जो सुगंधित हैं और सभी प्राणियों का पोषण करते हैं। जिस प्रकार पका हुआ खरबूजा बेल के बंधन से मुक्त हो जाता है, उसी प्रकार हम भी मृत्यु और सांसारिक बंधनों से मुक्त हों, किंतु अमरता से विमुख न हों।
📿 जप संख्या: 108 बार 🪔 माला: रुद्राक्ष माला ⏱️ सर्वश्रेष्ठ समय: प्रातःकाल (ब्रह्म मुहूर्त)
☀️

गायत्री महामंत्र

यजुर्वेद / ऋग्वेद • सद्बुद्धि व तेज प्रदायक
वेदमाता

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥

सरल अर्थ: उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अपनी अंतरात्मा में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करे।
📿 जप संख्या: 108 या 27 बार 🪔 माला: तुलसी या चंदन माला ⏱️ सर्वश्रेष्ठ समय: सूर्योदय एवं सूर्यास्त
⚡

शिव तांडव स्तोत्रम् (प्रथम श्लोक)

रावण कृत • आत्मबल, सिद्धि व ऊर्जा
महास्तोत्र

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्।
डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥

सरल अर्थ: जिनकी जटा रूपी वन से गिरती गंगा की धार से कंठ पावन है, जिनके गले में विशाल नाग लिपटे हैं, डमरू की डम-डम ध्वनि के साथ जो प्रचंड तांडव नृत्य करते हैं, वे भगवान शिव हमारा परम कल्याण करें।